तजवीद के रंग
  • मद्द लाज़िम, 6 हरकात
  • मद्द वाजिब, 4–5 हरकात
  • मद्द जाइज़, 2/4/6 हरकात
  • मद्द तबई, 2 हरकात
  • इख़्फ़ा और ग़ुन्ना
  • क़लक़ला
  • भारी रा (तफ़ख़ीम)
  • इदग़ाम और न पढ़े जाने वाले अक्षर

मुसहफ़ के पन्ने शाह फ़हद क़ुरआन कॉम्प्लेक्स की लिपि में (रिवायत हफ़्स अन आसिम)।

कॉपी के लिए सूरह का पाठ

وَيْلٌ لِّلْمُطَفِّفِينَ ﴿١﴾ ٱلَّذِينَ إِذَا ٱكْتَالُوا۟ عَلَى ٱلنَّاسِ يَسْتَوْفُونَ ﴿٢﴾ وَإِذَا كَالُوهُمْ أَو وَّزَنُوهُمْ يُخْسِرُونَ ﴿٣﴾ أَلَا يَظُنُّ أُو۟لَـٰٓئِكَ أَنَّهُم مَّبْعُوثُونَ ﴿٤﴾ لِيَوْمٍ عَظِيمٍ ﴿٥﴾ يَوْمَ يَقُومُ ٱلنَّاسُ لِرَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿٦﴾ كَلَّآ إِنَّ كِتَـٰبَ ٱلْفُجَّارِ لَفِى سِجِّينٍ ﴿٧﴾ وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا سِجِّينٌ ﴿٨﴾ كِتَـٰبٌ مَّرْقُومٌ ﴿٩﴾ وَيْلٌ يَوْمَئِذٍ لِّلْمُكَذِّبِينَ ﴿١٠﴾ ٱلَّذِينَ يُكَذِّبُونَ بِيَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿١١﴾ وَمَا يُكَذِّبُ بِهِۦٓ إِلَّا كُلُّ مُعْتَدٍ أَثِيمٍ ﴿١٢﴾ إِذَا تُتْلَىٰ عَلَيْهِ ءَايَـٰتُنَا قَالَ أَسَـٰطِيرُ ٱلْأَوَّلِينَ ﴿١٣﴾ كَلَّا ۖ بَلْ ۜ رَانَ عَلَىٰ قُلُوبِهِم مَّا كَانُوا۟ يَكْسِبُونَ ﴿١٤﴾ كَلَّآ إِنَّهُمْ عَن رَّبِّهِمْ يَوْمَئِذٍ لَّمَحْجُوبُونَ ﴿١٥﴾ ثُمَّ إِنَّهُمْ لَصَالُوا۟ ٱلْجَحِيمِ ﴿١٦﴾ ثُمَّ يُقَالُ هَـٰذَا ٱلَّذِى كُنتُم بِهِۦ تُكَذِّبُونَ ﴿١٧﴾ كَلَّآ إِنَّ كِتَـٰبَ ٱلْأَبْرَارِ لَفِى عِلِّيِّينَ ﴿١٨﴾ وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا عِلِّيُّونَ ﴿١٩﴾ كِتَـٰبٌ مَّرْقُومٌ ﴿٢٠﴾ يَشْهَدُهُ ٱلْمُقَرَّبُونَ ﴿٢١﴾ إِنَّ ٱلْأَبْرَارَ لَفِى نَعِيمٍ ﴿٢٢﴾ عَلَى ٱلْأَرَآئِكِ يَنظُرُونَ ﴿٢٣﴾ تَعْرِفُ فِى وُجُوهِهِمْ نَضْرَةَ ٱلنَّعِيمِ ﴿٢٤﴾ يُسْقَوْنَ مِن رَّحِيقٍ مَّخْتُومٍ ﴿٢٥﴾ خِتَـٰمُهُۥ مِسْكٌ ۚ وَفِى ذَٰلِكَ فَلْيَتَنَافَسِ ٱلْمُتَنَـٰفِسُونَ ﴿٢٦﴾ وَمِزَاجُهُۥ مِن تَسْنِيمٍ ﴿٢٧﴾ عَيْنًا يَشْرَبُ بِهَا ٱلْمُقَرَّبُونَ ﴿٢٨﴾ إِنَّ ٱلَّذِينَ أَجْرَمُوا۟ كَانُوا۟ مِنَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ يَضْحَكُونَ ﴿٢٩﴾ وَإِذَا مَرُّوا۟ بِهِمْ يَتَغَامَزُونَ ﴿٣٠﴾ وَإِذَا ٱنقَلَبُوٓا۟ إِلَىٰٓ أَهْلِهِمُ ٱنقَلَبُوا۟ فَكِهِينَ ﴿٣١﴾ وَإِذَا رَأَوْهُمْ قَالُوٓا۟ إِنَّ هَـٰٓؤُلَآءِ لَضَآلُّونَ ﴿٣٢﴾ وَمَآ أُرْسِلُوا۟ عَلَيْهِمْ حَـٰفِظِينَ ﴿٣٣﴾ فَٱلْيَوْمَ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ مِنَ ٱلْكُفَّارِ يَضْحَكُونَ ﴿٣٤﴾ عَلَى ٱلْأَرَآئِكِ يَنظُرُونَ ﴿٣٥﴾ هَلْ ثُوِّبَ ٱلْكُفَّارُ مَا كَانُوا۟ يَفْعَلُونَ ﴿٣٦﴾

तजवीद के रंगों में क़ुरआन मजीद

शाह फ़हद कॉम्प्लेक्स की लिपि में मदीना मुसहफ़ के 604 पन्नों में क़ुरआन मजीद पढ़ें, तजवीद के रंगों के साथ, सूरह और पारों की सूची, खोज, किसी भी पन्ने पर जाना, ज़ूम, और साइट आख़िरी पढ़ा पन्ना याद रखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह मदीना मुसहफ़ जैसा है?

हाँ, पन्ने शाह फ़हद कॉम्प्लेक्स की लिपि में मदीना मुसहफ़ की तस्वीरें हैं, वही पंक्तियाँ और पन्ने (रिवायत हफ़्स अन आसिम)।

तजवीद के रंगों का क्या मतलब है?

हर रंग एक नियम बताता है: गहरा लाल मद्द लाज़िम, लाल मद्द वाजिब, नारंगी मद्द जाइज़, हरा इख़्फ़ा और ग़ुन्ना, नीला क़लक़ला, स्लेटी न पढ़े जाने वाले अक्षर। “तजवीद के रंग” खोलें।

क्या साइट याद रखती है कि मैं कहाँ रुका था?

हाँ, आख़िरी पढ़ा पन्ना आपके डिवाइस पर सेव रहता है और अगली बार “पढ़ना जारी रखें” बटन आता है।

क्या अर्थों की तफ़सीर या अनुवाद है?

हाँ। “क़ुरआन की तफ़सीर और अनुवाद” खोलें, सूरह और भाषा चुनें: अरबी में किंग फ़हद कॉम्प्लेक्स की अत-तफ़सीर अल-मुयस्सर, बाक़ी भाषाओं में हर आयत के नीचे अर्थों का प्रसिद्ध अनुवाद।