तजवीद के रंग
  • मद्द लाज़िम, 6 हरकात
  • मद्द वाजिब, 4–5 हरकात
  • मद्द जाइज़, 2/4/6 हरकात
  • मद्द तबई, 2 हरकात
  • इख़्फ़ा और ग़ुन्ना
  • क़लक़ला
  • भारी रा (तफ़ख़ीम)
  • इदग़ाम और न पढ़े जाने वाले अक्षर

मुसहफ़ के पन्ने शाह फ़हद क़ुरआन कॉम्प्लेक्स की लिपि में (रिवायत हफ़्स अन आसिम)।

कॉपी के लिए सूरह का पाठ

إِذَا جَآءَكَ ٱلْمُنَـٰفِقُونَ قَالُوا۟ نَشْهَدُ إِنَّكَ لَرَسُولُ ٱللَّهِ ۗ وَٱللَّهُ يَعْلَمُ إِنَّكَ لَرَسُولُهُۥ وَٱللَّهُ يَشْهَدُ إِنَّ ٱلْمُنَـٰفِقِينَ لَكَـٰذِبُونَ ﴿١﴾ ٱتَّخَذُوٓا۟ أَيْمَـٰنَهُمْ جُنَّةً فَصَدُّوا۟ عَن سَبِيلِ ٱللَّهِ ۚ إِنَّهُمْ سَآءَ مَا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ ﴿٢﴾ ذَٰلِكَ بِأَنَّهُمْ ءَامَنُوا۟ ثُمَّ كَفَرُوا۟ فَطُبِعَ عَلَىٰ قُلُوبِهِمْ فَهُمْ لَا يَفْقَهُونَ ﴿٣﴾ ۞ وَإِذَا رَأَيْتَهُمْ تُعْجِبُكَ أَجْسَامُهُمْ ۖ وَإِن يَقُولُوا۟ تَسْمَعْ لِقَوْلِهِمْ ۖ كَأَنَّهُمْ خُشُبٌ مُّسَنَّدَةٌ ۖ يَحْسَبُونَ كُلَّ صَيْحَةٍ عَلَيْهِمْ ۚ هُمُ ٱلْعَدُوُّ فَٱحْذَرْهُمْ ۚ قَـٰتَلَهُمُ ٱللَّهُ ۖ أَنَّىٰ يُؤْفَكُونَ ﴿٤﴾ وَإِذَا قِيلَ لَهُمْ تَعَالَوْا۟ يَسْتَغْفِرْ لَكُمْ رَسُولُ ٱللَّهِ لَوَّوْا۟ رُءُوسَهُمْ وَرَأَيْتَهُمْ يَصُدُّونَ وَهُم مُّسْتَكْبِرُونَ ﴿٥﴾ سَوَآءٌ عَلَيْهِمْ أَسْتَغْفَرْتَ لَهُمْ أَمْ لَمْ تَسْتَغْفِرْ لَهُمْ لَن يَغْفِرَ ٱللَّهُ لَهُمْ ۚ إِنَّ ٱللَّهَ لَا يَهْدِى ٱلْقَوْمَ ٱلْفَـٰسِقِينَ ﴿٦﴾ هُمُ ٱلَّذِينَ يَقُولُونَ لَا تُنفِقُوا۟ عَلَىٰ مَنْ عِندَ رَسُولِ ٱللَّهِ حَتَّىٰ يَنفَضُّوا۟ ۗ وَلِلَّهِ خَزَآئِنُ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَلَـٰكِنَّ ٱلْمُنَـٰفِقِينَ لَا يَفْقَهُونَ ﴿٧﴾ يَقُولُونَ لَئِن رَّجَعْنَآ إِلَى ٱلْمَدِينَةِ لَيُخْرِجَنَّ ٱلْأَعَزُّ مِنْهَا ٱلْأَذَلَّ ۚ وَلِلَّهِ ٱلْعِزَّةُ وَلِرَسُولِهِۦ وَلِلْمُؤْمِنِينَ وَلَـٰكِنَّ ٱلْمُنَـٰفِقِينَ لَا يَعْلَمُونَ ﴿٨﴾ يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لَا تُلْهِكُمْ أَمْوَٰلُكُمْ وَلَآ أَوْلَـٰدُكُمْ عَن ذِكْرِ ٱللَّهِ ۚ وَمَن يَفْعَلْ ذَٰلِكَ فَأُو۟لَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْخَـٰسِرُونَ ﴿٩﴾ وَأَنفِقُوا۟ مِن مَّا رَزَقْنَـٰكُم مِّن قَبْلِ أَن يَأْتِىَ أَحَدَكُمُ ٱلْمَوْتُ فَيَقُولَ رَبِّ لَوْلَآ أَخَّرْتَنِىٓ إِلَىٰٓ أَجَلٍ قَرِيبٍ فَأَصَّدَّقَ وَأَكُن مِّنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ ﴿١٠﴾ وَلَن يُؤَخِّرَ ٱللَّهُ نَفْسًا إِذَا جَآءَ أَجَلُهَا ۚ وَٱللَّهُ خَبِيرٌۢ بِمَا تَعْمَلُونَ ﴿١١﴾

तजवीद के रंगों में क़ुरआन मजीद

शाह फ़हद कॉम्प्लेक्स की लिपि में मदीना मुसहफ़ के 604 पन्नों में क़ुरआन मजीद पढ़ें, तजवीद के रंगों के साथ, सूरह और पारों की सूची, खोज, किसी भी पन्ने पर जाना, ज़ूम, और साइट आख़िरी पढ़ा पन्ना याद रखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या यह मदीना मुसहफ़ जैसा है?

हाँ, पन्ने शाह फ़हद कॉम्प्लेक्स की लिपि में मदीना मुसहफ़ की तस्वीरें हैं, वही पंक्तियाँ और पन्ने (रिवायत हफ़्स अन आसिम)।

तजवीद के रंगों का क्या मतलब है?

हर रंग एक नियम बताता है: गहरा लाल मद्द लाज़िम, लाल मद्द वाजिब, नारंगी मद्द जाइज़, हरा इख़्फ़ा और ग़ुन्ना, नीला क़लक़ला, स्लेटी न पढ़े जाने वाले अक्षर। “तजवीद के रंग” खोलें।

क्या साइट याद रखती है कि मैं कहाँ रुका था?

हाँ, आख़िरी पढ़ा पन्ना आपके डिवाइस पर सेव रहता है और अगली बार “पढ़ना जारी रखें” बटन आता है।

क्या अर्थों की तफ़सीर या अनुवाद है?

हाँ। “क़ुरआन की तफ़सीर और अनुवाद” खोलें, सूरह और भाषा चुनें: अरबी में किंग फ़हद कॉम्प्लेक्स की अत-तफ़सीर अल-मुयस्सर, बाक़ी भाषाओं में हर आयत के नीचे अर्थों का प्रसिद्ध अनुवाद।